अमृत कलश रथ यात्रा उज्जैन पहुंचा यहां की मिट्टी और मां शिप्रा का जल लेकर इंदौर रवाना

अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को भव्य रूप से श्री राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी, इसके लिए काई तरह की तैयारियां शुरू हो गई हैं उसमें से एक हैं श्री तुलसी पिता ईश्वर पदम भूषण जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री राम भद्राचार्य जी महाराज के अमृत जन्मोत्सव के पूर्व संपूर्ण भारत में दो रथों के माध्यम से रथ यात्रा निकाली जा रही है जिसकी शुरुआत बीकानेर से हुई, यात्रा देश भर के प्रमुख 75 तीर्थ स्थलों की पावन मिट्टी और पवित्र जल लेकर 26000 किलोमीटर की यात्रा करेंगे जो 14 जनवरी को अयोध्या पहुंचेगी।

विस्तार

यह रथ यात्रा बीकानेर से शुरू हुई और विभिन्न स्थानों से होते हुए अवंतिका नगरी पहुंची इस रथयात्रा का अवंतिका नगरी में भव्य स्वागत हुआ और टावर चौक पर कार्यक्रम के दौरान अवंतिका नगरी की पावन मिट्टी एवं मां शिप्रा का जल रथ यात्रा के साथ आए हुए साधु संतों को भेंट किया गया यात्रा, संयोजक माहेश्वरी के द्वारा बताया गया कि अयोध्या में होने वाले भगवान श्री राम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के पहले हनुमान सेवा ट्रस्ट के माध्यम से श्री तुलसी पिता देशवर पदम भूषण जगत गुरु रामानंद आचार्य स्वामी श्री रामभद्राचार्य महाराज जी के द्वारा एक भव्य रथयात्रा देश मे निकाली जा रही है जो बीकानेर से होते हुए उज्जैन पहुंची, बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में रथयात्रा का बहुत ही भक्ति स्वागत किया गया है।

बीकानेर से रवाना हुई यात्रा

इस यात्रा की शुरुआत 24 नवंबर 2023 को जगतगुरु रामभद्राचार्य जी द्वारा ध्वज दिखाकर रवाना की गयी, जिसकी बाद यह यात्रा हरिद्वार गाजियाबाद मथुरा से भोपाल होते हुए उज्जैन पहुंची, उज्जैन में इस यात्रा का भव्य स्वागत किया गया जिसमें वरिष्ठ नेता और कई साधु संत शामिल थे।

यात्रा में किया गया साधु संतों का खास सम्मान

अमृत ​​रथ यात्रा के साथ चल रहे साधु संतन का उज्जैन में विशेष रूप से स्वागत किया गया और फिर इसके बाद रथ का पूजन अर्चन करके महा आरती करने के पश्चात साधु संतों को मां शिप्रा का जल और उज्जैन की पावन माटी भेंट की गई इस कार्यक्रम में बहुत बड़ी संख्या में शहरवासी उपस्थित थे।

गौरव का दिन

हमारे लिए 22 जनवरी 2024 बहुत ही खुशी और गौरव का दिन है क्योंकि इस दिन के लिए हमारे सभी साधु संतों ने कई सालों तक काफी संघर्ष किया जगत्गुरु रामभद्राचार्य जी के जन्मदिवस के पहले देश में यह यात्रा अमृत महोत्सव यात्रा के रूप में निकाली जा रही है, इस रथयात्रा को निकालने का मुख्य उद्देश है कि देश भर के 75 प्रमुख तीर्थ स्थलों की पावन मिट्टी और जल को एकत्र करना है।

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