इस्कॉन मंदिर का इतिहास

सबसे पहले इस्कॉन मंदिर कहां बना और किसने बनवाया आइये जानते है विश्व में सबसे पहले इस्कॉन मंदिर भारत में नहीं बल्कि विदेश में बनाया गया था इस मंदिर की स्थापना श्री कृष्ण कृपा श्री मूर्ति श्री अभय चरणविंद भक्ति वेदांत स्वामी प्रभुपाद ने न्यूयॉर्क में 1966 में की थी। 

मंदिर का मुख्य भजन और पूरा नाम

इस्कॉन मंदिर का पूरा नाम अंतरराष्ट्रीय कृष्णा भावना अमृत संघ है यह मंदिर संस्था द्वारा संचालित है इस मंदिर में हर समय हरे रामा हरे कृष्णा भजन की धुन चलती रहती है। 

सबसे बड़े इस्कॉन मंदिर की स्थापना कहां और कब हुई

बेंगलुरु में सबसे बड़ा इस्कॉन मंदिर है इस मंदिर की स्थापना 1997 में की गई थी इस्कॉन मंदिर में भगवान कृष्ण की उपासना की जाती है इस्कॉन के दुनिया भर में 1000 से अधिक केंद्र है भारत में भी इसके 400 केंद्र है जैसे दिल्ली मुंबई कोलकाता बेंगलुरु उज्जैन आदि इस्कॉन के 12 मंदिर पाकिस्तान में भी बने हैं। 

कृष्ण के संदेश

स्वामी प्रभुपाद ने इस्कॉन मंदिर की स्थापना भगवान कृष्ण के संदेश को पूरे विश्व में पहुंचाने के उद्देश्य से की थी स्वामी जी का जन्म 1896 में कोलकाता में हुआ था उन्होंने अमेरिका की पहाड़ियों में नव वृंदावन की स्थापना की थी मथुरा वृंदावन में भी इस्कॉन मंदिर की स्थापना 1975 में की गई थी इस मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या काफी ज्यादा रहती है इस्कॉन मंदिर का नाम विश्व विख्यात है यह मंदिर की महिमा बहुत अधिक है इस मंदिर का हेड क्वार्टर पश्चिम बंगाल में है इसकी स्थापना 1972 में की गई थी। 

वृंदावन मंदिर

वृंदावन में स्थित कृष्ण बलराम मंदिर इस्कॉन नाम से प्रसिद्ध है इसकी स्थापना 1975 में स्वामी प्रभुपाद ने की थी इस्कॉन मंदिर की महिमा बहुत अधिक है वृंदावन में इस्कॉन मंदिर को अंग्रेजों के मंदिर के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस मंदिर में विदेशी महिला एवं पुरुष भी काफी संख्या में देखे जाते हैं जो केसरिया वस्त्रो में हरे रामा हरे कृष्णा की धुन में रमे रहते हैं इस मंदिर के अंदर राधा कृष्ण की काफी सुंदर और भव्य मूर्तियां हैं। 

दिल्ली इस्कॉन मंदिर

दिल्ली में इस्कॉन मंदिर की स्थापना सन 1998 में की गई थी यह भारत की नई दिल्ली के पूर्व कैलाश क्षेत्र में हरे कृष्ण हिल में स्थित है इस्कॉन की सबसे प्रसिद्ध और सार्वजनिक रूप से पहचानी जाने वाली प्रथा कीर्तन है इस्कॉन मंदिर का जो मंत्र है वह हरे कृष्णा हरे रामा है यह भगवान श्री कृष्ण के प्रति समर्पण व्यक्त करने का एक तरीका है इस्कॉन मंदिर में वेदों और वैदिक मंत्रो की शिक्षाओं के बारे में जानकारी देना है। 

दुनिया में सबसे बड़ा इस्कॉन मंदिर

बंगाल की नदिया जिले में स्थित मायापुर में इस्कॉन मंदिर काफी बड़ा और अच्छा बन रहा है यह इस्कॉन मंदिर दुनिया का सबसे बड़ा मंदिर होगा इस मंदिर में एक साथ 10000 लोग भगवान कृष्ण के दर्शन कर सकेंगे इसको दुनिया का सबसे बड़ा वैदिक मंदिर भी कह सकते हैं यहां तीन विशाल शिखर बनाए गए हैं मुख्य शिखर राधा कृष्ण और पूर्वी शिखर नरसिंह देव का है यहां स्थापित सुदर्शन चक्र 20 फीट का है वही कलश 40 फीट ऊंचा है इसका उद्घाटन होली के समय 2023 में होना था लेकिन कोरोना के कारण इसका निर्माण पूर्ण नहीं हो सका लेकिन अब इसका निर्माण पूर्ण होने को है और जल्द ही इसका उद्घाटन हो जाएगा। 

प्रतिबंधित है

सिंगापुर मे विदेशी भिक्षुओं के साथ-साथ हरे कृष्णा आंदोलन के संस्थापक श्री प्रभुपाद को भी सिंगापुर में प्रवेश करने से रोक दिया था सिंगापुर में 1970 में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस पर रोक लगा दी थी जो अभी भी प्रतिबंधित है। 

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