शिप्रा शुद्धिकरण के लिए अब तक ₹54 लाख दिए महाकाल समिति ने

शिप्रा नदी को स्वच्छ बनाने के लिए मंदिर समिति भी प्रयासरत है लेकिन मंदिर समिति के साथ-साथ नगर निगम का सहयोग भी अति आवश्यक है। महाकाल मंदिर में शिप्रा स्वच्छता के लिए अलग से दान पेटी लगी हुई है। बाबा महाकाल के दर्शन के लिए दुनिया भर से करोड़ों लोग हर साल आते हैं लेकिन जब से महाकाल लोक बना हैं तबसे दुनिया भर से आने वाले भक्तों की संख्या और भी बढ़ गई है।

मंदिर समिति के अनुसार 2001 से 2023 तक स्वच्छता के लिए ₹8000000 दान पेटी में प्राप्त हुए हैं उसमें से ₹5400000 अब तक मंदिर समिति नगर निगम को दे चुकी है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि यह जानकारी हमें नहीं है कि नगर निगम ने इस राशि को किस रूप में और कहां उपयोग किया दूसरी तरफ देखें तो अफसरों का कहना है कि हम नगर निगम को शिप्रा स्वच्छता के लिए ही यह राशि भेंट करते हैं नगर निगम द्वारा इसी के तहत यह राशि खर्च की जाती होगी।

शिप्रा नदी में मिल गया नालों का पानी

शिप्रा नदी को लेकर पिछले तीन दशक से बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीति की रस्साकशी चल रही है. लेकिन आज भी शिप्रा नदी में नालों का पानी धड़ल्ले से मिल रहा है, जिसे देखकर श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही है।

उज्जैन की शिप्रा नदी का शास्त्रों में भी उल्लेख मिलता है. शिप्रा नदी के तट पर 12 वर्ष में एक बार सिंहस्थ का आयोजन होता है।

महापौर मुकेश टटवाल – इंजीनियर और जिम्मेदार पर कार्रवाई के निर्देश

महापौर मुकेश टटवाल ने बताया कि इस घटना की जानकारी मिलने के बाद वे खुद मौके पर पहुंचे थे. उन्होंने भी पाया की शिप्रा नदी में नालों का गंदा पानी मिल रहा था. इसके पीछे यह कारण बताया गया कि महाकाल लोक के पास निर्माण कार्य और बारिश के पहले नालों की सफाई के दौरान लापरवाही के चलते बेगम बाग की ओर से आने वाले नाले के पाइप को फोड़ दिया गया था, जिसकी वजह से नाले का पानी शिप्रा नदी के राम घाट पर मिल गया।

उन्होंने बताया कि नगर निगम आयुक्त रोशन कुमार सिंह को जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं. जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर खड़े रहकर काम करवाना था।

कुछ दशक पहले तक पवन शिप्रा नदी का जल उज्जैन के कुछ इलाकों में पीने के उपयोग में भी लाया जाता था लेकिन धीरे-धीरे शिप्रा के आसपास आबादी का क्षेत्र बढ़ गया और दूषित जल की वजह से शिप्रा नदी में स्नान तो ठीक आचमन भी मुश्किल हो गया।

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